
देश के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने राज्यसभा की खाली हो रही 26 सीटों पर चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इन सभी सीटों के लिए आगामी 18 जून को वोट डाले जाएंगे और खास बात यह है कि इसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।📅
चुनाव का पूरा शेड्यूल (Notification to Voting)चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, इस चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से पूरा करने के लिए निम्नलिखित तारीखें तय की गई हैं:1 जून: चुनाव के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन (अधिसूचना) जारी की जाएगी और नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी।
9 जून: दाखिल किए गए सभी नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच (Scrutiny) की जाएगी।
11 जून: जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे इस तारीख तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे।
18 जून (मतदान और परिणाम): सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वोट डाले जाएंगे। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती (Counting) होगी और इसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
12 राज्यों में मचेगी चुनावी हलचल (24 नियमित सीटें + 2 उपचुनाव) चुनाव आयोग ने साफ किया है कि यह चुनावी प्रक्रिया कुल 12 राज्यों में पूरी की जाएगी। मुख्य रूप से यह चुनाव दो भागों में बंटा हुआ है:
नियमित चुनाव (10 राज्य): देश के 10 राज्यों में मौजूदा राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है। इन खाली हो रही 24 सीटों को भरने के लिए मुख्य चुनाव हो रहे हैं।
उपचुनाव (2 राज्य): इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में अचानक खाली हुई एक-एक सीट पर उपचुनाव (Bypolls) कराए जा रहे हैं।
किस राज्य में कितनी सीटें हैं खाली? राज्यसभा की इन 26 सीटों का गणित राज्यवार इस प्रकार है,
जिस पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं:राज्य का नामखाली हो रही सीटेंआंध्र प्रदेश04, सीटें गुजरात 04 सीटें कर्नाटक 04 सी,टें मध्य प्रदेश 03 सीटें, राजस्थान 03 सीटें, झारखंड 02 सीटें, मणिपुर 01 सीट, मेघालय 01 सीट, अरुणाचल प्रदेश 0,1 सीट मिजोरम 01 सीट, तमिलनाडु (उपचुनाव) 01 सीट, महाराष्ट्र (उपचुनाव) 01 सीट, कुल सीटें 26 सीटें.
राजनीतिक समीकरणों पर क्या होगा असर?
इस चुनाव के बाद उच्च सदन (Rajya Sabha) में सत्तापक्ष और विपक्ष के समीकरणों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में जहाँ भाजपा की मजबूत स्थिति है, वहीं कर्नाटक और झारखंड जैसे राज्यों में विपक्षी दल अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करेंगे। 18 जून की शाम तक यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि संसद के इस उच्च सदन में किस दल का पलड़ा भारी रहने वाला है।



